बरोदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
रामफल (INLD) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर बरोदा सीट जीती और रामपाल (INC) को 3,227 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 38 हसनगढ़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 38 नरवाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रामफल 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामफल | 26,42634.9% | |
| 2 | रामपाल UPA | UPA | 23,19930.6% |
| 3 | महावीर सिंह NDA | NDA | 12,59316.6% |
| 4 | कृपा राम पुनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 10,35613.7% |
| 5 | संजय ES | ES | 1,5212.0% |
| 6 | नरेन्द्र पाल | 9131.2% | |
| 7 | हरि किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.5% |
| 8 | धर्मपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरोदा से कौन जीता, 1977–2005
INLD ने 2000 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.1% से घटकर 34.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 2000 के 69.1% से बढ़कर 74.3% हो गया।