महेन्द्रगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
दान सिंह (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 66.9% वोट पाकर महेन्द्रगढ़ सीट जीती और राम बिलास (BJP) को 38,850 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 88 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 88 बल्लभगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दान सिंह 38.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दान सिंह | 68,47266.9% | |
| 2 | राम बिलास NDA | NDA | 29,62228.9% |
| 3 | मदन सिंह शेखावत HVP | HVP | 7890.8% |
| 4 | नरेन्द्र | 7560.7% | |
| 5 | ओम प्रकाश NDA | NDA | 6630.7% |
| 6 | हनुमान यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.5% |
| 7 | सुन्दर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5010.5% |
| 8 | वेद प्रकाश | 4250.4% | |
| 9 | बलबीर सिंह | 4130.4% | |
| 10 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 11 | वेद प्रकाश पुत्र बृज मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महेन्द्रगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.8% से बढ़कर 73.7% हो गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।