महेन्द्रगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राम बिलास (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 26.4% वोट पाकर महेन्द्रगढ़ सीट जीती और दलीप सिंह (HVP) को 1,626 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 88 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 88 बल्लभगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम बिलास 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम बिलास | 18,03926.4% | |
| 2 | दलीप सिंह HVP | HVP | 16,41324.0% |
| 3 | कुलदीप यादव | 11,46516.8% | |
| 4 | रोहतास सिंह पुत्र मोती सिंह JP | JP | 10,40115.2% |
| 5 | रघु यादव SJJP | SJJP | 4,5806.7% |
| 6 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6823.9% |
| 7 | बलबीर सिंह पुत्र मामराज | 8791.3% | |
| 8 | रोहताश सिंह पुत्र उमराऊ सिंह | 4860.7% | |
| 9 | फूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.6% |
| 10 | दीप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.4% |
| 11 | सुकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.4% |
| 12 | मनभर निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.4% |
| 13 | झमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.4% |
| 14 | बलबीर पुत्र मोहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 15 | समे सिंह विरोधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 16 | जय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.3% |
| 17 | भूरामल पुत्र भूरिसरवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.3% |
| 18 | रविन्द्र पुत्र बैजनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 19 | मोहनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 20 | तुही राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 21 | रविन्द्र पुत्र ईश्वर सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 22 | राम चन्द्र | 1300.2% | |
| 23 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.2% |
| 24 | राज कुमार VHP | VHP | 950.1% |
| 25 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महेन्द्रगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.9% से घटकर 26.4% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 71.3% से घटकर 57.5% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।