रेवाड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
अजय सिंह (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 29.0% वोट पाकर रेवाड़ी सीट जीती और विजय सोमानी (निर्दलीय) को 4,924 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 86 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 86 फरीदाबाद एनआईटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजय सिंह | 26,03629.0% | |
| 2 | विजय सोमानी निर्दलीय | निर्दलीय | 21,11223.5% |
| 3 | रणधीर सिंह कापड़ीवास निर्दलीय | निर्दलीय | 20,01622.3% |
| 4 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 10,16711.3% |
| 5 | शिव रतन NDA | NDA | 9,00610.0% |
| 6 | हिरदे राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2661.4% |
| 7 | अशोक गुलाटी निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.7% |
| 8 | शिव लाल HVP | HVP | 5420.6% |
| 9 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 5360.6% |
| 10 | रणधीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.4% |
| 11 | अमर फूल निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 12 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रेवाड़ी से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 26.7% से बढ़कर 29.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 62.5% से बढ़कर 66.9% हो गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।