रेवाड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
अजय सिंह (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर रेवाड़ी सीट जीती और रणधीर सिंह कापड़ीवास (BJP) को 12,779 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 86 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 86 फरीदाबाद एनआईटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजय सिंह UPA | UPA | 48,92444.8% |
| 2 | रणधीर सिंह कापड़ीवास NDA | NDA | 36,14533.1% |
| 3 | बिजय सोमाणी निर्दलीय | निर्दलीय | 12,14011.1% |
| 4 | ठेकेदार राजिंदर सिंह NDA | NDA | 5,8405.3% |
| 5 | मनजीत | 3,0032.8% | |
| 6 | सुदेश निर्दलीय | निर्दलीय | 9690.9% |
| 7 | रोहताश निर्दलीय | निर्दलीय | 5740.5% |
| 8 | कामरेड रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.4% |
| 9 | सीता राम LD | LD | 2960.3% |
| 10 | वीर सैन आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.3% |
| 11 | सतीश कुमार JJJKMC | JJJKMC | 2900.3% |
| 12 | नरेन्द्र कुमार NDA | NDA | 1780.2% |
| 13 | राज पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रेवाड़ी से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.0% से बढ़कर 44.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 2000 के 66.9% से बढ़कर 73.7% हो गया।