गुड़गांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
गोपी चन्द (निर्दलीय) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर गुड़गांव सीट जीती और धर्मबीर (INC) को 15,312 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 61 महेन्द्रगढ़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 61 गढ़ी सांपला-किलोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 40,49337.9% |
| 2 | धर्मबीर | 25,18123.6% | |
| 3 | तिलक राज NDA | NDA | 17,83316.7% |
| 4 | नरवीर सिंह | 15,70414.7% | |
| 5 | मनोहर लाल ढींगरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4132.3% |
| 6 | मुकेश शर्मा HVP | HVP | 1,3771.3% |
| 7 | धन्नो बाई हिज़रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2831.2% |
| 8 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6770.6% |
| 9 | महेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6220.6% |
| 10 | हरपाल सिंह SWJP | SWJP | 5200.5% |
| 11 | नरेश मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 12 | अनिल पाल ABJS | ABJS | 1960.2% |
| 13 | नरेश चन्द | 1600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुड़गांव से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 60.0% से घटकर 55.9% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।