नारनौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
मूला राम (निर्दलीय) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 21.8% वोट पाकर नारनौल सीट जीती और राधे श्याम (निर्दलीय) को 427 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 90 नहीं थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 90 तिगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नारनौल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 427 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मूला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 15,48821.8% |
| 2 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 15,06121.2% |
| 3 | चन्द नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 12,03616.9% |
| 4 | कैलाश चन्द शर्मा NDA | NDA | 11,41116.1% |
| 5 | किशन चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,8999.7% |
| 6 | राम निवास यादव | 3,6885.2% | |
| 7 | रेनू पोसवाल | 2,8274.0% | |
| 8 | रघु यादव | 1,4072.0% | |
| 9 | श्री राम गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 7421.1% |
| 10 | धर्म पाल HVP | HVP | 4480.6% |
| 11 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.5% |
| 12 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.5% |
| 13 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नारनौल से कौन जीता, 1977–2005
1996 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.3% से घटकर 56.5% रह गया। इसके बाद 2005 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।