छछरौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
मोहम्मद अस्लम खान (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर छछरौली सीट जीती और राम रतन सिंह (निर्दलीय) को 6,923 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 4 जगाधरी थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 4 अम्बाला छावनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद अस्लम खान | 22,73234.5% | |
| 2 | राम रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,80924.0% |
| 3 | सुरजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,52919.0% |
| 4 | बेगराज सिंह Lok Dal | Lok Dal | 11,14816.9% |
| 5 | निर्भय सिंह LKD(A) | LKD(A) | 1,1101.7% |
| 6 | जसवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1031.7% |
| 7 | रामेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6871.0% |
| 8 | सत पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3860.6% |
| 9 | नाथी निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.4% |
| 10 | महिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
छछरौली से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 74.4% से बढ़कर 78.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।