पाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
नर सिंह (LKD) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 68.9% वोट पाकर पाई सीट जीती और हरफूल सिंह (INC) को 29,483 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 27 नरवाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 27 समालखा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नर सिंह 46.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नर सिंह Lok Dal | Lok Dal | 44,15168.9% |
| 2 | हरफूल सिंह | 14,66822.9% | |
| 3 | भले राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3076.7% |
| 4 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.7% |
| 5 | भीम सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.4% |
| 6 | अमृत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 7 | जगजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाई से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.6% से बढ़कर 68.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 73.5% से बढ़कर 74.7% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।