जगाधरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
बृज मोहन (BJP) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर जगाधरी सीट जीती और ओम प्रकाश (INC) को 12,449 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 6 मुलाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 6 मुलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बृज मोहन 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृज मोहन | 31,23646.9% | |
| 2 | ओम प्रकाश | 18,78728.2% | |
| 3 | अमुना कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 10,00715.0% |
| 4 | कवार भान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5275.3% |
| 5 | तजिंदर प्रकाश जनता | जनता | 1,2391.9% |
| 6 | राजीव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5780.9% |
| 7 | सुनील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.6% |
| 8 | मोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.4% |
| 9 | जगमाल सिंह LKD(A) | LKD(A) | 2200.3% |
| 10 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 11 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जगाधरी से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 69.3% से बढ़कर 75.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।