नारायणगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
जगपाल सिंह (निर्दलीय) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 38.0% वोट पाकर नारायणगढ़ सीट जीती और साधू राम (LKD) को 12,093 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 2 का नाम नारायणगढ़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 2 पंचकुला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगपाल सिंह 18.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 24,45638.0% |
| 2 | साधू राम Lok Dal | Lok Dal | 12,36319.2% |
| 3 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,77913.7% |
| 4 | लाल सिंह | 8,46813.2% | |
| 5 | कुतर सिंह | 7,96312.4% | |
| 6 | ओम प्रकाश LKD(A) | LKD(A) | 5530.9% |
| 7 | नकुल निर्दलीय | निर्दलीय | 4960.8% |
| 8 | गायेन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.8% |
| 9 | सुमेर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.5% |
| 10 | लज्जा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.3% |
| 11 | जाओ प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 12 | माया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 13 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नारायणगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
1982 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1982 के 73.4% से बढ़कर 76.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।