नारायणगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
राम किशन (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर नारायणगढ़ सीट जीती और पवन कुमार (INLD) को 7,763 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 2 का नाम नारायणगढ़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 2 पंचकुला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम किशन UPA | UPA | 40,87743.8% |
| 2 | पवन कुमार NDA | NDA | 33,11435.5% |
| 3 | सुमेर चन्द NDA | NDA | 8,7569.4% |
| 4 | सतपाल सैनी | 5,5195.9% | |
| 5 | महेन्द्र पाल सिंह ES | ES | 1,4451.6% |
| 6 | नाथी राम UPA | UPA | 1,0081.1% |
| 7 | हरबंस कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 7430.8% |
| 8 | सुगन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5630.6% |
| 9 | जसपाल सिंह NDA | NDA | 4890.5% |
| 10 | सुरजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.4% |
| 11 | नरेन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 12 | शमशेर सिंह आर्य IJP | IJP | 2140.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नारायणगढ़ से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट INLD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2000 के 75.6% से बढ़कर 77.6% हो गया।