लोहारूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
हीरा नन्द आर्य (LKD) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 56.7% वोट पाकर लोहारू सीट जीती और तुसली राम (INC) को 12,613 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 68 मुंढाल खुर्द थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 68 अटेली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हीरा नन्द आर्य 18.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरा नन्द आर्य Lok Dal | Lok Dal | 38,10456.7% |
| 2 | तुसली राम | 25,49137.9% | |
| 3 | रविन्द्र LKD(A) | LKD(A) | 6981.0% |
| 4 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.9% |
| 5 | राम सरूप वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.9% |
| 6 | पुरुषोत्तम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5990.9% |
| 7 | राम कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.5% |
| 8 | शुभ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.4% |
| 9 | संत सूबे सिंह नंगल निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.3% |
| 10 | रोहताश निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 11 | जट्टन निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लोहारू से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.4% से बढ़कर 56.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 62.0% से बढ़कर 65.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।