बाढड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
रण सिंह पुत्र श्योकरण (LKD) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर बाढड़ा सीट जीती और अत्तर सिंह मंडीवाला (INC) को 4,856 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 63 का नाम बाढड़ा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 63 कलानौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रण सिंह पुत्र श्योकरण Lok Dal | Lok Dal | 31,27949.7% |
| 2 | अत्तर सिंह मंडीवाला | 26,42342.0% | |
| 3 | चंद्रावती LKD(A) | LKD(A) | 2,0703.3% |
| 4 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6611.1% |
| 5 | सूरज भान पुत्र बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6401.0% |
| 6 | विजय सिंह ICJ(BG) | ICJ(BG) | 4120.7% |
| 7 | फूल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.4% |
| 8 | रघबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.3% |
| 9 | महताब निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 10 | सूबे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.2% |
| 11 | शंभू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 12 | सूरज भान पुत्र श्योकरण निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
| 13 | राम सिंह पुत्र बालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.2% |
| 14 | ज्ञानी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 15 | सुल्तान निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 16 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 17 | जय करण निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 18 | हवा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD, INC और LKD(A) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाढड़ा से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.7% से बढ़कर 49.7% हो गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1982 जितना ही रहा: 65.5%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।