बाढड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
लज्जा रानी (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर बाढड़ा सीट जीती और अत्तर सिंह (NCO) को 6,278 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 63 का नाम अब भी बाढड़ा है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
13.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लज्जा रानी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 21,59147.5% |
| 2 | अत्तर सिंह | 15,31333.7% | |
| 3 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0849.0% |
| 4 | राम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5883.5% |
| 5 | गुनपाई सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 1,4863.3% |
| 6 | गोबिन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8902.0% |
| 7 | ज्ञान प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5181.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCO और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाढड़ा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट VHP से छीन ली, जिसने इसे 1968 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1968 के 55.4% से बढ़कर 64.0% हो गया।