नरवानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
टेक चन्द (LKD) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 68.3% वोट पाकर नरवाना सीट जीती और शमशेर सिंह (INC) को 27,839 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 बहादुरगढ़ थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 45 सिरसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — टेक चन्द 39.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टेक चन्द Lok Dal | Lok Dal | 48,74168.3% |
| 2 | शमशेर सिंह | 20,90229.3% | |
| 3 | दिलबाग निर्दलीय | निर्दलीय | 5650.8% |
| 4 | कुलदेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.4% |
| 5 | कश्मीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.3% |
| 6 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
| 7 | बलविंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 8 | देवीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.2% |
| 9 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरवाना से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 79.8% से घटकर 77.8% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।