रोहतकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
मंगल सैन (BJP) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर रोहतक सीट जीती और सिरी किशन दास (INC) को 1,468 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 सफीदों थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 30 खरखौदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मंगल सैन 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंगल सैन | 35,67248.6% | |
| 2 | सिरी किशन दास | 34,20446.6% | |
| 3 | कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 9641.3% |
| 4 | हवा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8351.1% |
| 5 | विद्या देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.4% |
| 6 | सुरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.3% |
| 7 | राज कुमार पुत्र लहमी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 8 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 9 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 10 | राज कुमार पुत्र रणभीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 11 | कैलाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 12 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 13 | जय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 14 | चंद्रवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 15 | देविंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 16 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 17 | सतीश निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 18 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 19 | सुनील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 20 | सूरज मल ICJ(BG) | ICJ(BG) | 470.1% |
| 21 | निर्मल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 22 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रोहतक से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.5% से बढ़कर 48.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 71.1% से घटकर 65.7% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।