रोहतकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुभाष चन्द्र (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर रोहतक सीट जीती और श्रीकिशन दास (HVP) को 2,607 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 सफीदों थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 30 खरखौदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुभाष चन्द्र 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
39 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुभाष चन्द्र | 26,39834.9% | |
| 2 | श्रीकिशन दास HVP | HVP | 23,79131.5% |
| 3 | सुन्दर लाल सेठी | 18,43624.4% | |
| 4 | राम कुमार JP | JP | 4,4155.8% |
| 5 | सर्वजीत सिंह सांगवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.6% |
| 6 | प्रताप सिंह पुत्र भाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.4% |
| 7 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 8 | रामजी दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 9 | कुलदीप खासा निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.2% |
| 10 | अर्जुन सिंह सहगल निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.2% |
| 11 | शेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 12 | मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 13 | उमेद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 14 | रोहतास निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 15 | चन्द्र भान निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 16 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 17 | राम चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 18 | सुरेश चन्द्र जांगड़ा DBP | DBP | 640.1% |
| 19 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 20 | रामेश्वर दास गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 21 | बाबू राम गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 22 | रघुबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 23 | नन्द लाल बंसल निर्दलीय | निर्दलीय | 370.1% |
| 24 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 25 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 26 | नवीन कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 27 | कृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 28 | हवा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 29 | प्रताप सिंह पुत्र हरसरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 30 | बहादुर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 31 | रघबीर सिंह पुत्र राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 32 | गुलशन निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 33 | हरीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 34 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 35 | रघबीर सिंह पुत्र उदमी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 36 | सूरज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 37 | रवि निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 38 | कृष्ण लाल परदेशी निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 39 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रोहतक से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 65.7% से घटकर 59.4% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।