फिरोजपुर झिरकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
अजमत खान (LKD) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 32.9% वोट पाकर फिरोजपुर झिरका सीट जीती और शकरुल्ला खान (INC) को 8,693 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 57 बावल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 57 भिवानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजमत खान Lok Dal | Lok Dal | 23,28932.9% |
| 2 | शकरुल्ला खान | 14,59620.6% | |
| 3 | प्रेम चन्द प्रेमी निर्दलीय | निर्दलीय | 12,64217.8% |
| 4 | सरदार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8,13311.5% |
| 5 | मुबीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4027.6% |
| 6 | ईशाक LKD(A) | LKD(A) | 3,6625.2% |
| 7 | कर्म इलाही निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7362.5% |
| 8 | ललिता देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.6% |
| 9 | अब्दुल रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.5% |
| 10 | अब्दुल सलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.4% |
| 11 | भंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 12 | दीन मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजपुर झिरका से कौन जीता, 1977–2005
LKD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 70.0% से बढ़कर 72.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।