रतियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पीर चन्द (HVP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 20.8% वोट पाकर रतिया सीट जीती और रामस्वरूप पुत्र साथु सिंह (BJP) को 1,267 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 77 बड़ोपल थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 77 गुड़गांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रतिया का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,267 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पीर चन्द HVP | HVP | 13,25520.8% |
| 2 | रामस्वरूप पुत्र साथु सिंह | 11,98818.8% | |
| 3 | आत्मा सिंह JP | JP | 11,50218.0% |
| 4 | छबील दास | 8,64613.6% | |
| 5 | ज्ञान चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0286.3% |
| 6 | पियारा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7755.9% |
| 7 | करनैल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6705.8% |
| 8 | अजमेर सिंह वाम दल | वाम दल | 2,6074.1% |
| 9 | रमेश कुमार | 2,1423.4% | |
| 10 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.7% |
| 11 | गंडा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.6% |
| 12 | रुलदू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.4% |
| 13 | जग्गा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.3% |
| 14 | राम स्वरूप पुत्र झुमरू दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.3% |
| 15 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 16 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 17 | बेग राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.2% |
| 18 | मुन्शी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.2% |
| 19 | बसंत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.2% |
| 20 | बहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.2% |
| 21 | भुरा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 22 | रामेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रतिया से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह HVP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 73.3% से घटकर 62.4% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी HVP ने यह सीट अपने पास रखी।