फरीदाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
ए. सी. चौधरी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर फरीदाबाद सीट जीती और चन्द्र भाटिया (BJP) को 22,890 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 51 नूंह थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 51 बरवाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ए. सी. चौधरी 23.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. सी. चौधरी | 45,89646.4% | |
| 2 | चन्द्र भाटिया | 23,00623.3% | |
| 3 | गोबिन्द राम नैन निर्दलीय | निर्दलीय | 22,26022.5% |
| 4 | लाज वंती HVP | HVP | 2,1592.2% |
| 5 | राम जी लाल | 2,0562.1% | |
| 6 | राम कुमार मल्होत्रा JP | JP | 1,1831.2% |
| 7 | प्रताप सिंह चावला निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.5% |
| 8 | रोशन लाल गेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.4% |
| 9 | नानक चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.3% |
| 10 | हेम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.3% |
| 11 | लखमी चन्द | 1540.2% | |
| 12 | राजिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 13 | सुरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 14 | नरेश चन्द गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 15 | दिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 16 | दया चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 17 | बद्री चन्द सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 18 | राजबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 19 | शिव दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 20 | गोपाल कृष्ण दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 21 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 22 | मोहिंदर निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 23 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 24 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 25 | सुरिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
| 26 | गंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदाबाद से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1987 के 61.9% से घटकर 54.9% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977दीप चन्द भाटिया (JNP), जीत का अंतर 13.7%
- 1982ए. सी. चौधरी (INC), जीत का अंतर 16.9%
- 1987कुन्डल लाल भाटिया पुत्र अर्जुन लाल (BJP), जीत का अंतर 2.7%
- 1991ए. सी. चौधरी (INC), जीत का अंतर 23.1%
- 1996चन्द्र (BJP), जीत का अंतर 27.0%
- 2000चन्द्र भाटिया (BJP), जीत का अंतर 16.1%
- 2005ए. सी. (INC), जीत का अंतर 39.1%