घिरायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
छतरपाल सिंह (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर घिराय सीट जीती और देवी लाल (JP) को 2,154 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 टोहाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 75 पटौदी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। छतरपाल सिंह 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | छतरपाल सिंह | 29,92744.0% | |
| 2 | देवी लाल JP | JP | 27,77340.8% |
| 3 | ईश्वर सिंह जनता दल | जनता दल | 5,5448.1% |
| 4 | उदयबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3293.4% |
| 5 | प्रदीप कुमार | 1,3632.0% | |
| 6 | करतारा निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.3% |
| 7 | रोशन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.3% |
| 8 | प्यारे लाल पुत्र संत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 9 | जोगी राम | 790.1% | |
| 10 | राम धान निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 11 | राम फल निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 12 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 13 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 14 | भरता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 15 | निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 16 | बलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 17 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 18 | सुरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 19 | वेद पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 20 | मनफूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 21 | प्यारे लाल पुत्र फूलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JP और JD को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घिराय से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 72.8% से घटकर 65.4% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।