घिरायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
प्रो. सिंह (INC) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 51.7% वोट पाकर घिराय सीट जीती और जोगी राम सिहाग सिसाई (निर्दलीय) को 26,444 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 टोहाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 75 पटौदी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रो. सिंह 25.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रो. सिंह UPA | UPA | 53,18651.7% |
| 2 | जोगी राम सिहाग सिसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 26,74226.0% |
| 3 | पूरन सिंह डबरा NDA | NDA | 16,56716.1% |
| 4 | कर्नल सही राम कलकल NDA | NDA | 2,1542.1% |
| 5 | अनिल सिहाग जोगी NDA | NDA | 9861.0% |
| 6 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8940.9% |
| 7 | राजेश महंदिया | 8770.8% | |
| 8 | मनफूल सिंह पूनियां निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.5% |
| 9 | धर्मेन्द्र डबरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.3% |
| 10 | कमलेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
| 11 | कर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
| 12 | ओ. LD | LD | 1470.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और INLD को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घिराय से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट INLD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2000 के 78.3% से बढ़कर 79.2% हो गया।