अम्बाला शहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुमेर चन्द भट्ट (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 32.9% वोट पाकर अम्बाला शहर सीट जीती और फ़कीर चन्द अग्रवाल (BJP) को 1,101 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 9 अम्बाला थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 9 यमुनानगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अम्बाला शहर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,101 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुमेर चन्द भट्ट | 20,48932.9% | |
| 2 | फ़कीर चन्द अग्रवाल | 19,38831.1% | |
| 3 | सुखदेव सिंह YAD | YAD | 10,24416.5% |
| 4 | ज्ञान चन्द चावला JP | JP | 4,1236.6% |
| 5 | अर्जुन दास लिहारसा | 3,5375.7% | |
| 6 | सुरजीत राय वधावन HVP | HVP | 1,3242.1% |
| 7 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0061.6% |
| 8 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7681.2% |
| 9 | सुरिंदर सूद निर्दलीय | निर्दलीय | 6801.1% |
| 10 | वरिन्द्र कुमार हांडा निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.2% |
| 11 | स्वरणजीत सिंह | 1230.2% | |
| 12 | विवेक दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 13 | नरिंदर कुमार पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 14 | भाग सिंह मान निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 15 | गोवर्धन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 16 | रघुबीर सिंह शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 17 | राज कुमार लहरी निर्दलीय | निर्दलीय | 400.1% |
| 18 | राेेशनी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अम्बाला शहर से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 69.0% से घटकर 66.4% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।