सढौराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शेर सिंह (निर्दलीय) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 27.1% वोट पाकर सढौरा सीट जीती और रामजी लाल (JP) को 3,373 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 3 छछरौली थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 3 नारायणगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शेर सिंह 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 20,15927.1% |
| 2 | रामजी लाल JP | JP | 16,78622.6% |
| 3 | सही राम | 10,47714.1% | |
| 4 | कृपा राम | 10,08213.6% | |
| 5 | दीप चन्द HVP | HVP | 8,55911.5% |
| 6 | भाग मल | 2,7263.7% | |
| 7 | देश राज वाम दल | वाम दल | 2,1812.9% |
| 8 | मंगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4712.0% |
| 9 | जय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6460.9% |
| 10 | फकीर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5430.7% |
| 11 | रघु नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.3% |
| 12 | जोगिंदर राम | 2020.3% | |
| 13 | माम राज अटवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 14 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 15 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सढौरा से कौन जीता, 1977–2005
1987 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1987 के 74.5% से घटकर 70.5% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SLAP ने जीती।