सढौराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
भागमल (BJP) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर सढौरा सीट जीती और प्रभु राम (INC) को 10 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 3 छछरौली थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 3 नारायणगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सढौरा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 10 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भागमल | 20,98140.1% | |
| 2 | प्रभु राम कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 20,97140.1% |
| 3 | करम चन्द वाम दल | वाम दल | 5,67410.8% |
| 4 | फ़कीर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0031.9% |
| 5 | रामजी दास निर्दलीय | निर्दलीय | 9421.8% |
| 6 | हरदयाल सिंह जनता | जनता | 8561.6% |
| 7 | दर्शाल लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6601.3% |
| 8 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.7% |
| 9 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.4% |
| 10 | बली देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.4% |
| 11 | करम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.3% |
| 12 | भागवत दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.3% |
| 13 | अजमेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और CPI को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सढौरा से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 67.9% से घटकर 65.2% रह गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।