बवानी खेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अमर सिंह (HVP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 36.4% वोट पाकर बवानी खेड़ा सीट जीती और जगन नाथ (JP) को 6,977 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 69 नारनौंद थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 69 महेन्द्रगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमर सिंह HVP | HVP | 21,86936.4% |
| 2 | जगन नाथ JP | JP | 14,89224.8% |
| 3 | रघबीर सिंह रंगा | 11,73019.5% | |
| 4 | हरफूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0628.4% |
| 5 | नन्द राम | 1,5582.6% | |
| 6 | मेवा सिंह बागरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1792.0% |
| 7 | राम सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 8741.5% |
| 8 | मास्टर देवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8161.4% |
| 9 | कश्मीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.9% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.6% |
| 11 | महाशय जैमल सिंह मोरवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.3% |
| 12 | किताबा निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.3% |
| 13 | कंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 14 | जयबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 15 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 16 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 17 | रामेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 18 | लछमन निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 19 | राम कुमार पुत्र परभाती निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 20 | मंगतू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 21 | बलबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 22 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 410.1% |
| 23 | लेख राम निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
| 24 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 25 | राम कुमार पुत्र जोत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 290.1% |
| 26 | सूरत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बवानी खेड़ा से कौन जीता, 1977–2005
HVP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह HVP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 66.0% से घटकर 57.2% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी HVP ने यह सीट अपने पास रखी।