साल्हावासविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जिले सिंह (JP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.9% वोट पाकर साल्हावास सीट जीती और नरवीर सिंह (INC) को 641 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 34 कैलाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 34 जुलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
साल्हावास का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 641 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जिले सिंह JP | JP | 18,44830.9% |
| 2 | नरवीर सिंह | 17,80729.8% | |
| 3 | बबरू वाहन HVP | HVP | 6,47010.8% |
| 4 | हुकम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,94510.0% |
| 5 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0558.5% |
| 6 | वीर कुमार | 2,1393.6% | |
| 7 | जय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6901.2% |
| 8 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.8% |
| 9 | बीरबल निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.7% |
| 10 | रामेहर निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.7% |
| 11 | लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.6% |
| 12 | शशि निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.5% |
| 13 | सतपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.5% |
| 14 | सुमेर सिंह RPK | RPK | 1670.3% |
| 15 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.3% |
| 16 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 17 | दयानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.2% |
| 18 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.2% |
| 19 | राज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 20 | सज्जन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 21 | बलवान निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 22 | लाल सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
| 23 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 24 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 25 | एन. एस. यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
साल्हावास से कौन जीता, 1977–2005
JP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 61.6% से घटकर 59.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट HVP ने जीती।