साल्हावासविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
राम नारायण (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 57.7% वोट पाकर साल्हावास सीट जीती और राज सिंह (निर्दलीय) को 14,837 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 34 कैलाना थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 34 जुलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम नारायण 40.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नारायण जनता | जनता | 20,98257.7% |
| 2 | राज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,14516.9% |
| 3 | दिल सुख मान VHP | VHP | 4,70212.9% |
| 4 | राम सिंह जाखड़ | 2,1165.8% | |
| 5 | महाबीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1173.1% |
| 6 | बलवंत SUC | SUC | 7402.0% |
| 7 | चमन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3521.0% |
| 8 | दलीप निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, एक निर्दलीय और VHP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
साल्हावास से कौन जीता, 1977–2005
इसके बाद 1982 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।