कैथलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुरेन्द्र कुमार (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 25.9% वोट पाकर कैथल सीट जीती और चरण दास (HVP) को 437 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 पेहोवा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 25 पानीपत शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कैथल का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 437 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र कुमार | 17,19025.9% | |
| 2 | चरण दास HVP | HVP | 16,75325.2% |
| 3 | लीला राम JP | JP | 13,82220.8% |
| 4 | माइ लाल | 7,53111.3% | |
| 5 | सुरिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0969.2% |
| 6 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5862.4% |
| 7 | मेहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8551.3% |
| 8 | हुकम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6200.9% |
| 9 | सुरजन निर्दलीय | निर्दलीय | 5810.9% |
| 10 | हंस राज निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.4% |
| 11 | कंवर भान निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.3% |
| 12 | कुलवंत राव निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.3% |
| 13 | कृष्ण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 14 | कैलाश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 15 | बैनी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.2% |
| 16 | गुलाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 17 | महिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 18 | संत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 19 | सुरिंदर प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 330.1% |
| 20 | भान निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 21 | शाम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कैथल से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 74.6% से घटकर 71.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SLAP ने जीती।