महाराष्ट्र 1999 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 75 सीटें (26.0%)SHS: 69 सीटें (24.0%)NCP: 58 सीटें (20.1%)BJP: 56 सीटें (19.4%)IND: 12 सीटें (4.2%)PWPI: 5 सीटें (1.7%)BBM: 3 सीटें (1.0%)CPM: 2 सीटें (0.7%)अन्य (6 पार्टियाँ): 8 सीटें — JD(S) 2, SP 2, GGP 1, NVPP 1, RPI 1, SJP(M) 1बहुमत के लिए 145288सरकार बनाने के लिए 145
  • INC7526.0%
  • SHS6924.0%
  • NCP5820.1%
  • BJP5619.4%
  • निर्दलीय124.2%
  • PWPI51.7%
  • BBM31.0%
  • CPM20.7%
  • अन्य82.8%
चुनाव की कहानी

नई पार्टी आई, कांग्रेस टिकी रही

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनी रही, पर अकेले सरकार बनाने लायक सीटें कभी नहीं जीत पाई।

इसने 288 में से 75 सीटें जीतीं; यानी परिणाम।

इसके बाद शिवसेना 69 सीटों के साथ रही।

कांग्रेस को 27.2% वोट मिले और शिवसेना को 17.3%; राज्य के ज़्यादातर वोट भीड़ भरे मैदान के बाक़ी उम्मीदवारों में बिखर गए।

चुनाव प्रचार

नारायण राणे ने 1 फ़रवरी 1999 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी के नेता के रूप में मनोहर जोशी की जगह ली। उसी साल बाद में हुए विधान सभा चुनाव में उन्होंने उसी सरकार की अगुवाई की।1

शरद पवार, संगमा और तारिक़ अनवर को 20 मई 1999 को इंडियन नेशनल कांग्रेस से निकाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने इटली में जन्मी नेता होने के नाते सोनिया गांधी के पार्टी की अगुवाई करने के अधिकार पर सवाल उठाया था। उन्होंने 10 जून 1999 को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (राकांपा) बनाई।2

इसके बाद सितंबर के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस और नई राकांपा ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ उम्मीदवार उतारे; राज्य की 288 सीटों पर चुनाव से पहले उनके बीच सीटों के बँटवारे का कोई गठबंधन नहीं था।3

चुनाव आयोग ने मतदान 144-144 सीटों के दो चरणों में कराया, 5 सितंबर और 11 सितंबर 1999 को। गिनती अक्टूबर में हुई।4

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org
  2. 2 wikipedia.org (1) wikipedia.org (2)
  3. 3 wikipedia.org
  4. 4 wikipedia.org

क्या बदला

कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनी रही, लेकिन पहली बार उसके सामने अपने ही नेताओं के अलग होने से बना एक गंभीर नया प्रतिद्वंद्वी था।

इस तरह लगातार 5 चुनावों में वह इसी स्थान पर रही।

सबसे बड़ा बदलाव कांग्रेस से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी की ओर रहा: जिन 159 सीटों पर पार्टी बदली, उनमें से 33 इसी तरह बदलीं।

पिछले चुनाव के मुक़ाबले 12.1 प्रतिशत अंक गिरा।

अहम आँकड़े

सबसे क़रीबी मुक़ाबला दिग्रस, महाराष्ट्र में हुआ, जहाँ 126 वोट रहा।

दूसरे छोर पर लातुर, महाराष्ट्र रही, जहाँ जीत का अंतर 43.5% वोट था।

किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत भिलवडी वांगी, महाराष्ट्र में रहा, 82.7%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से बेलापुर, महाराष्ट्र सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 8,90,784 नाम थे।

औरंगाबाद पश्चिम, महाराष्ट्र में किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार उतरे, बैलट पर 16 नाम थे।

प्रकाश आंबेडकर के भारिप बहुजन महासंघ ने पहली बार विधान सभा चुनाव लड़ा, 34 उम्मीदवार उतारे और 6,06,827 वोटों के साथ तीन सीटें जीतीं; उस साल महाराष्ट्र विधान सभा में पहली बार उतरने वाले तीन दलों में यह एक था।5

स्रोत
  1. 5 wikipedia.org

पृष्ठभूमि

शिवसेना के मनोहर जोशी 1995 में मुख्यमंत्री बने और उन्होंने महाराष्ट्र की पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार बनाई।6

उस साल शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने महाराष्ट्र की 288 विधान सभा सीटों में से कुल 138 सीटें जीती थीं, जो किसी भी अकेली पार्टी की अपनी सीटों से ज़्यादा थीं।6

सितंबर 1999 में जब राज्य में फिर मतदान हुआ, तब वही शिवसेना-भाजपा गठबंधन, अब नारायण राणे की अगुवाई में, सरकार चला रहा था।61

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org
  2. 6 wikipedia.org

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RBI 2024-25

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