नई सीमाओं पर कांग्रेस फिर जीती
क्या हुआ
राज्य में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने एक और एकतरफ़ा जीत के साथ फिर सत्ता बचाई।
कांग्रेस ने कुल 270 सीटों में से 203 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 67 सीटें ज़्यादा था।
इस बार इसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी पीज़ेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी रही, जिसे सिर्फ़ 19 सीटें मिलीं।
क्या बदला
यह नए सिरे से तय की गई सीमाओं पर हुआ पहला चुनाव था।
सीमाएँ नए सिरे से तय करने की इस प्रक्रिया को (सीटों की सीमाओं को सरकारी तौर पर नए सिरे से खींचना, जो भारत की जनसंख्या में बदलाव के साथ समय-समय पर होता है) कहते हैं।
राज्य विधान सभा की सीटें 264 से बढ़कर 270 हो गईं।
कुछ नए दलों ने यहाँ पहली बार सीटें जीतीं, जिनमें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय जनसंघ और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी शामिल थे।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े जानने लायक हैं।
सबसे कड़ी टक्कर अड्यार, महाराष्ट्र में हुई, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 149 वोट रहा।
75.2% सीटें जीतने के बाद भी कांग्रेस के (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) सिर्फ़ 47.0% रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) औरंगाबाद पूर्व, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ यह 92.8% तक पहुँचा।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला नागपुर पश्चिम, महाराष्ट्र में था, जहाँ बैलट पर 15 उम्मीदवार थे।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव उसी क्षेत्रीय पुनर्गठन के बाद हुआ, जिससे यह राज्य बना था।