महाराष्ट्र का पहला चुनाव
क्या हुआ
नए बने राज्य ने अपना पहला विधान सभा चुनाव कराया, और परिणाम एकतरफ़ा रहा।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 264 सीटों में से 214 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 81 सीटें ज़्यादा था।
(कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) के हिसाब से इसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय रही, जिसने सिर्फ़ 15 सीटें जीतीं।
क्या बदला
नए बने राज्य में यह पहला ही विधान सभा चुनाव था, इसलिए तुलना के लिए राज्य का कोई पिछला चुनाव नहीं था।
इसके 1,93,95,799 मतदाताओं ने विधान सभा की 264 सीटों के लिए वोट डाले।
हर सीट पर औसतन 4.4 उम्मीदवार मैदान में थे।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
साल का सबसे कड़ा मुक़ाबला बिल्कुल बराबरी पर ख़त्म हुआ: महाड, महाराष्ट्र में पहले दो उम्मीदवार बराबर रहे, (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 0 वोट।
दूसरी ओर, इस चुनाव में सबसे बड़ा जीत का अंतर पाटण, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ विजेता 77.5% से आगे रहे।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पुसद, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ यह 84.1% तक पहुँचा।
सबसे ज़्यादा मतदाता चेम्बूर, महाराष्ट्र में थे, कुल 1,68,390 पंजीकृत मतदाता।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव पूरे क्षेत्र के एक बड़े पुनर्गठन के बाद हुआ।