बार्शीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
प्रभाताई शंकरराव झाडबुके (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 64.9% वोट पाकर बार्शी सीट जीती और नरशिंग तात्या देशमुख (निर्दलीय) को 25,425 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 106 वाशिम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रभाताई शंकरराव झाडबुके 50.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभाताई शंकरराव झाडबुके | 32,75764.9% | |
| 2 | नरशिंग तात्या देशमुख निर्दलीय | निर्दलीय | 7,33214.5% |
| 3 | रामचंद्र गेनूजी खंडाले REP | REP | 5,11210.1% |
| 4 | चांदमल अमरचन्द गुगले निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0216.0% |
| 5 | कृष्ण बंडू डमरे निर्दलीय | निर्दलीय | 9701.9% |
| 6 | बजरंग तात्याबा नलवडे निर्दलीय | निर्दलीय | 9491.9% |
| 7 | नाना गोपाल पगारे निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.4% |
| 8 | बलभीम दादा बरीदे निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।