यवतमालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
जांबुवंतराव बापूरावजी धोटे (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 43.7% वोट पाकर यवतमाल सीट जीती और छबुताई उत्तमराव डहाके (INC) को 1,009 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 218 शेवगांव है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जांबुवंतराव बापूरावजी धोटे 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जांबुवंतराव बापूरावजी धोटे निर्दलीय | निर्दलीय | 19,13743.7% |
| 2 | छबुताई उत्तमराव डहाके | 18,12841.4% | |
| 3 | बाबुराव काशिनाथ येरावार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,79310.9% |
| 4 | नारायण सदाशिव रानाडे | 1,0642.4% | |
| 5 | रामनारायण रामगोपाल चमेडिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4571.0% |
| 6 | उद्धव गोमा वाघमारे निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।