निफाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
दत्तात्रेय भिकाजी पाटिल (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर निफाड सीट जीती और नारायण लखुजी शिंदे (CPI) को 10,360 वोटों से हराया।
1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 137 साकोली है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दत्तात्रेय भिकाजी पाटिल 25.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दत्तात्रेय भिकाजी पाटिल | 22,31254.8% | |
| 2 | नारायण लखुजी शिंदे वाम दल | वाम दल | 11,95229.3% |
| 3 | देवधर सीताराम दंगले निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2255.5% |
| 4 | फकीरा लक्ष्मण भगरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9954.9% |
| 5 | सदाशिव एओराम होल्कर | 1,8424.5% | |
| 6 | गणपत गंगाराम करते निर्दलीय | निर्दलीय | 4301.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।