महाराष्ट्र 1985 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 161 सीटें (55.9%)ICS: 54 सीटें (18.8%)IND: 20 सीटें (6.9%)JNP: 20 सीटें (6.9%)BJP: 16 सीटें (5.6%)PWP: 13 सीटें (4.5%)CPI: 2 सीटें (0.7%)CPM: 2 सीटें (0.7%)बहुमत के लिए 145288सरकार बनाने के लिए 145
  • INC16155.9%
  • ICS5418.8%
  • निर्दलीय206.9%
  • JNP206.9%
  • BJP165.6%
  • PWP134.5%
  • CPI20.7%
  • CPM20.7%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस फिर बहुमत में

क्या हुआ

कांग्रेस ने महाराष्ट्र के विधान सभा चुनाव में बहुमत सीटें जीतीं और राज्य की राजनीति पर अपना दबदबा आगे बढ़ाया।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 288 सीटों में से 161 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 16 सीटें ज़्यादा था।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन कांग्रेस (सोशलिस्ट) ने 54 सीटें जीतीं।

क्या बदला

इस चुनाव में एक नई पार्टी दूसरे स्थान पर रही, जिसने राज्य में पहली बार सीटें जीतीं।

उस साल सीटें जीतने वालों में इंडियन कांग्रेस (सोशलिस्ट) अकेली पार्टी थी, जिसने पहली बार सीटें जीतीं।

पिछले चुनाव से बढ़कर 58.1% हो गया।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला खेतवाडी, महाराष्ट्र में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 87 वोट रहा।

दूसरी ओर, साल का सबसे बड़ा जीत का अंतर मेलघाट, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ पहले और दूसरे स्थान के बीच 68.8% वोटों का फ़ासला था।

सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत कागल, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ 83.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला वर्धा, महाराष्ट्र में था, जहाँ एक सीट के लिए 18 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

इस बार जीतने वाली पार्टी एक नए नाम से चुनाव लड़ रही थी, जो पिछली बार जीते नाम से अलग था।

इस बार यह कांग्रेस के नाम से जीती, जबकि पिछली बार इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) के नाम से जीती थी।

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RBI 2024-25

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