महाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शांताराम फिलसे (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर महाड सीट जीती और सुधाकर शंकर सावंत (INC) को 649 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 खेड बंदर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 12 भूसावल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
महाड का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 649 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शांताराम फिलसे जनता | जनता | 32,04044.5% |
| 2 | सुधाकर शंकर सावंत | 31,39143.6% | |
| 3 | अरुण देशमुख निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7885.3% |
| 4 | मधुकर गंगाराम गायकवाड निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6453.7% |
| 5 | शेठ श्यामसुन्दर टीकम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2471.7% |
| 6 | यादव सिरजन नामकुबेर निर्दलीय | निर्दलीय | 9211.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाड से कौन जीता, 1978–2004
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1978 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 57.6% से बढ़कर 66.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट SHS ने जीती।
- 1978पुरोहित नाना उर्फ़ दिगंबर विनायक (JNP), जीत का अंतर 24.7%
- 1980चंद्रकांत खंडेराव देशमुख (INC(I)), जीत का अंतर 15.4%
- 1985शांताराम फिलसे (JNP), जीत का अंतर 0.9%
- 1990प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 3.6%
- 1995प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 20.4%
- 1999मोरे प्रभाकर सुंदरराव (SHS), जीत का अंतर 3.5%
- 2004जगताप माणिक मोतीराम (NCP), जीत का अंतर 3.2%