महाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रभाकर मोरे (SHS) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.2% वोट पाकर महाड सीट जीती और अरुण देशमुख (INC) को 20,582 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 खेड बंदर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 12 भूसावल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रभाकर मोरे 20.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रभाकर मोरे | 41,70541.2% | |
| 2 | अरुण देशमुख | 21,12320.9% | |
| 3 | एड. सुधाकर उर्फ़ अण्णा सावंत निर्दलीय | निर्दलीय | 19,09418.9% |
| 4 | बबाजी पवार | 8,4838.4% | |
| 5 | भोसले बाबुराव लक्ष्मणराव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0904.0% |
| 6 | लली सुभाष परशुराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7511.7% |
| 7 | डॉ. बेलोसे राजाराम गोविन्द जनता दल | जनता दल | 1,2911.3% |
| 8 | घोले आदिल गयासुद्दीन SJP(M) | SJP(M) | 1,2801.3% |
| 9 | देशपांडे अशोक पांडुरंग निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2401.2% |
| 10 | दाभेकर हरिभाऊ बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 6650.7% |
| 11 | शेठ सुप्रिया सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 4310.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महाड से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.8% से बढ़कर 41.2% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.3% से बढ़कर 77.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978पुरोहित नाना उर्फ़ दिगंबर विनायक (JNP), जीत का अंतर 24.7%
- 1980चंद्रकांत खंडेराव देशमुख (INC(I)), जीत का अंतर 15.4%
- 1985शांताराम फिलसे (JNP), जीत का अंतर 0.9%
- 1990प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 3.6%
- 1995प्रभाकर मोरे (SHS), जीत का अंतर 20.4%
- 1999मोरे प्रभाकर सुंदरराव (SHS), जीत का अंतर 3.5%
- 2004जगताप माणिक मोतीराम (NCP), जीत का अंतर 3.2%