महाराष्ट्र 1995 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 80 सीटें (27.8%)SHS: 73 सीटें (25.3%)BJP: 65 सीटें (22.6%)IND: 45 सीटें (15.6%)JD: 11 सीटें (3.8%)PWP: 6 सीटें (2.1%)CPM: 3 सीटें (1.0%)SP: 3 सीटें (1.0%)अन्य (2 पार्टियाँ): 2 सीटें — MVC 1, NVAS 1बहुमत के लिए 145288सरकार बनाने के लिए 145
  • INC8027.8%
  • SHS7325.3%
  • BJP6522.6%
  • निर्दलीय4515.6%
  • JD113.8%
  • PWP62.1%
  • CPM31.0%
  • SP31.0%
  • अन्य20.7%
चुनाव की कहानी

महाराष्ट्र की पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार

क्या हुआ

कांग्रेस ने किसी भी दूसरी पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतीं, लेकिन उसकी सीटें तेज़ी से घटीं और बहुमत से काफ़ी पीछे रह गईं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 288 सीटों में से 80 सीटें जीतीं।

शिवसेना 73 सीटों के साथ ठीक पीछे रही।

अकेले निर्दलीयों ने 45 सीटें जीतीं।

क्या बदला

इस चुनाव में कांग्रेस की अपनी स्थिति काफ़ी कमज़ोर हुई, हालाँकि उसने अब भी किसी भी दूसरी अकेली पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतीं।

इसकी सीटें 141 से घटकर 80 रह गईं।

इस तरह कांग्रेस लगातार 4 चुनावों में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी रही।

28 सीटें सीधे कांग्रेस से निर्दलीय उम्मीदवारों के पास चली गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

69.9% तक पहुँचा, जो महाराष्ट्र के किसी भी विधान सभा चुनाव में दर्ज सबसे ऊँचा स्तर है।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला शेवगांव, महाराष्ट्र में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 12 वोट रहा।

सबसे ज़्यादा मतदाता बेलापुर, महाराष्ट्र सीट पर थे, 9,44,365 पंजीकृत मतदाता।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला बडनेरा, महाराष्ट्र में था, जहाँ एक सीट के लिए 47 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

कांग्रेस ने अब भी किसी भी दूसरी अकेली पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतीं, लेकिन इस बार राज्य में सरकार एक दूसरे ने बनाई।

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RBI 2024-25

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