जव्हारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
वराठा रामजी महादू (CPM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर जव्हार सीट जीती और पाटिल देविदास पांडुरंग (INC) को 21,064 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 64 निफाड थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 64 तिरोरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वराठा रामजी महादू 16.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वराठा रामजी महादू वाम दल | वाम दल | 59,30945.7% |
| 2 | पाटिल देविदास पांडुरंग | 38,24529.5% | |
| 3 | वाडू कंचन रामजी | 32,26224.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जव्हार से कौन जीता, 1978–2004
1978 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.2% से घटकर 45.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 51.6% से बढ़कर 66.5% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कुरहाडा बारक्या लख्य (CPM), जीत का अंतर 22.9%
- 1980कोम लहानू शिडवा (CPM), जीत का अंतर 12.6%
- 1985कोम लहानू शिदावा (CPM), जीत का अंतर 17.6%
- 1990कोम लहानू शिडवा (CPM), जीत का अंतर 20.0%
- 1995वराठा रामजी महादू (CPM), जीत का अंतर 16.2%
- 1999वराठा रामजी महादू (CPM), जीत का अंतर 13.8%
- 2004ओझरे राजाराम नाथू (CPM), जीत का अंतर 16.3%