चांदवडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
कासलीवाल जयचंद दीपचंद (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 39.0% वोट पाकर चांदवड सीट जीती और कोटवाल शिरीषकुमार वसंतराव (INC) को 1,805 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 नन्दुरबार थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 75 वारोरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चांदवड का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,805 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कासलीवाल जयचंद दीपचंद | 45,48839.0% | |
| 2 | कोटवाल शिरीषकुमार वसंतराव | 43,68337.5% | |
| 3 | गुंजल सुरेश धर्माजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9255.9% |
| 4 | पवार बागुराव फकीरा जनता दल | जनता दल | 5,4264.7% |
| 5 | पाचोरकर दौलत लुकाजी | 4,4433.8% | |
| 6 | लोनारी विजय धोंडीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3282.9% |
| 7 | डॉ. कोटवाल दत्तात्रय माधवराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8381.6% |
| 8 | अहिरे गेनूजी भिकाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3471.2% |
| 9 | गायकवाड प्रभाकर धोंडीबा निर्दलीय | निर्दलीय | 7720.7% |
| 10 | पाटिल नवल लुकड्डू | 7450.6% | |
| 11 | माली शिवाजी हरिभाऊ निर्दलीय | निर्दलीय | 5590.5% |
| 12 | गुंजल वसंतराव म्हातारबा निर्दलीय | निर्दलीय | 5010.4% |
| 13 | अहिरे भगवान चिंतामण निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.4% |
| 14 | ठाकरे भारत मुरलीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 15 | सोनवणे एकनाथ लहानू निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.3% |
| 16 | गांगुर्डे महिपत गणपत निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.2% |
| 17 | संसारे मायाराम गोपिनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चांदवड से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.3% से घटकर 39.0% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.2% से बढ़कर 73.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978दवाखर किसनराव दामोदर (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1980गायकवाड नारायण काशीराम (INC(I)), जीत का अंतर 5.6%
- 1985कासलीवाल जयचंद दीपचंद (BJP), जीत का अंतर 9.6%
- 1990कासलीवाल जयचंद दीपचंद (BJP), जीत का अंतर 12.0%
- 1995कासलीवाल जयचंद दीपचंद (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 1999कोटवाल शिरीषकुमार वसंतराव (NCP), जीत का अंतर 20.9%
- 2004उत्तम (बाबा) गणपत भालेगांव (NCP), जीत का अंतर 6.4%