काटोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
देशमुख अनिल वसंतराव (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 25.4% वोट पाकर काटोल सीट जीती और वीरेन्द्र काशीराव देशमुख (PWP) को 4,023 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 139 अड्यार थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 139 मुरबाड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। देशमुख अनिल वसंतराव 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देशमुख अनिल वसंतराव निर्दलीय | निर्दलीय | 29,80725.4% |
| 2 | वीरेन्द्र काशीराव देशमुख | 25,78421.9% | |
| 3 | शिंदे सुनील शामराव | 20,05717.1% | |
| 4 | कालमेघ दीप्तिबाई दिलीपबाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 14,54512.4% |
| 5 | नेओले राम मन्नालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9,5088.1% |
| 6 | बरोकर प्रेरणाताई प्रतापराव | 7,6596.5% | |
| 7 | देशमुख प्रमोद आनंदराव | 4,1513.5% | |
| 8 | मानकर मधुकर नथ्थुजी वाम दल | वाम दल | 2,3042.0% |
| 9 | नारोलिया देवकिसन चंपतराव निर्दलीय | निर्दलीय | 7870.7% |
| 10 | बागडे पुंडलिक तुलशीराम समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 5680.5% |
| 11 | वडिवे उकंडराव जंगलूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.4% |
| 12 | धपोडकर मोहन कृष्णाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5170.4% |
| 13 | दुपारे सिद्धार्थ डोमाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.4% |
| 14 | वाहने सुमित्रा हरिश्चंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.2% |
| 15 | सिरसाम शंकर सित्रू निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 16 | वानखेडे सीताराम ज्योतिराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 17 | पांचाभाई भाऊ रामराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 18 | शेरकर नेताजी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काटोल से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.4% से बढ़कर 77.7% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट NCP ने जीती।
- 1978मानकर मुकुंदराव गोविंदराव (INC(I)), जीत का अंतर 20.3%
- 1980श्रीकांत रामचंद्र जिचकार (INC(I)), जीत का अंतर 23.4%
- 1985शिंदे सुनील उर्फ़ शिवाजी शामरावजी (ICS), जीत का अंतर 11.1%
- 1990शिंदे सुनील शामरावजी (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1995देशमुख अनिल वसंतराव (IND), जीत का अंतर 3.4%
- 1999अनिल वसंतराव देशमुख (NCP), जीत का अंतर 12.5%
- 2004अनिल देशमुख (NCP), जीत का अंतर 38.5%