कसबा पेठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
गिरीश बापट (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 58.3% वोट पाकर कसबा पेठ सीट जीती और डॉ. सतीश देसाई (INC) को 20,760 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 249 पाटण थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 249 शोलापुर शहर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गिरीश बापट 22.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरीश बापट | 53,04358.3% | |
| 2 | डॉ. सतीश देसाई | 32,28335.5% | |
| 3 | सय्यद बादशाह नूरमहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2132.4% |
| 4 | शाह देवीचंद दीपचंद जनता दल | जनता दल | 6420.7% |
| 5 | विंग कमांडर मातापुरकर श्रीराम गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4810.5% |
| 6 | एड. शिवाजीराव जगताप निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 7 | डॉ. वडगांवकर प्रल्हाद शंकरराव | 3210.3% | |
| 8 | घैसास शीला गजानन निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 9 | खराडे विजयकुमार (देशमुख) निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 10 | संघवी रविन्द्र JP | JP | 1820.2% |
| 11 | नारायण कुंडलप्पा मोरुकोंडे निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 12 | शुक्ला रमेशकुमार रामसजीवन | 1270.1% | |
| 13 | शिंदे दत्तात्रय पांडुरंग निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 14 | दत्तात्रय बंसी भंडारे निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 15 | खोले रमेश गजानन निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 16 | भालचंद्र रामचंद्र खरपुडे ICS | ICS | 730.1% |
| 17 | एड. गोडसे सुभाष नरहर निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
| 18 | गायकवाड रोहीदास सोपान निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 19 | विजया रावसाहेब गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 20 | पांगरे निलेश मनोहर निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 21 | अर्जुन सुन्दरलाल परदेशी निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसबा पेठ से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.3% से बढ़कर 58.3% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.9% से बढ़कर 73.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।