कसबा पेठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
उल्हास नाथोबा कालोखे (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर कसबा पेठ सीट जीती और अरविन्द लेले (BJP) को 4,267 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 249 पाटण थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 249 शोलापुर शहर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उल्हास नाथोबा कालोखे | 35,58848.0% | |
| 2 | अरविन्द लेले | 31,32142.3% | |
| 3 | आप्पा थोरात निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9808.1% |
| 4 | खान सिकन्दर आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.5% |
| 5 | किशोर गिरमे Lok Dal | Lok Dal | 2780.4% |
| 6 | प्रभाकर नारायण जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.3% |
| 7 | गिरिजाबाई गोरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.3% |
| 8 | किसन धनाजी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 9 | बद्रीशेठ दवे निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 10 | शांताराम नाथू राणावडे निर्दलीय | निर्दलीय | 390.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसबा पेठ से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 55.1% से बढ़कर 62.8% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।