नए रूप में कांग्रेस की ज़ोरदार वापसी
क्या हुआ
इस चुनाव में नए सिरे से संगठित कांग्रेस को ज़बरदस्त जीत मिली, और उसने पिछले चुनाव से सरकार चला रही पार्टी को हरा दिया।
इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) ने कुल 288 सीटों में से 186 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 41 सीटें ज़्यादा था।
कांग्रेस का ही एक प्रतिद्वंद्वी गुट, इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स), 47 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे नंबर पर रहा।
क्या बदला
पिछले चुनाव में ज़ोरदार जीत दर्ज करने वाली पार्टी ढह गई, और इस बार उसकी ज़्यादातर सीटें सीधे विजेता के पास चली गईं।
60 सीटें सीधे जनता पार्टी से इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) के पास गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।
जीतने वाली पार्टी की अपनी सीटें 69 से बढ़कर 186 हो गईं।
अहम आँकड़े
मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: कंधार, महाराष्ट्र का फ़ैसला सिर्फ़ 55 वोटों से हुआ।
सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) केलापुर, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ पहले दो उम्मीदवारों के बीच 72.1% वोटों का फ़ासला था।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) कागल, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ 80.9% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
सबसे कम मतदान प्रतिशत उमरखाडी, महाराष्ट्र में रहा, जहाँ सिर्फ़ 27.5% मतदाताओं ने वोट डाला।
पृष्ठभूमि
कांग्रेस पार्टी कुछ ही समय पहले राष्ट्रीय स्तर पर टूटी थी, और यह चुनाव जीतने वाला गुट उस टूट से निकले दो गुटों में से एक था।