बोरीवलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
राम नाईक (BJP) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर बोरीवली सीट जीती और आबा उर्फ़ रमाकांत पाटिल (INC(I)) को 12,694 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 बोरीवली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 45 देवली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम नाईक 19.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नाईक | 34,51353.9% | |
| 2 | आबा उर्फ़ रमाकांत पाटिल | 21,81934.1% | |
| 3 | बी. एन. श्रॉफ JNP(JP) | JNP(JP) | 7,07111.1% |
| 4 | आर. आर. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.4% |
| 5 | वी. डी. उत्तूरकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.3% |
| 6 | आर. सी. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC(I) और JNP(JP) को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोरीवली से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 63.6% से घटकर 37.2% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।