बोरीवलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राम नाईक (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर बोरीवली सीट जीती और नवनीत गांधी (INC) को 22,527 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 बोरीवली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 45 देवली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम नाईक 19.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नाईक | 59,98151.5% | |
| 2 | नवनीत गांधी | 37,45432.2% | |
| 3 | गजानन संतुराम ठाकरे निर्दलीय | निर्दलीय | 17,01114.6% |
| 4 | बिलगू यादव Lok Dal | Lok Dal | 9440.8% |
| 5 | आनन्द शेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 6020.5% |
| 6 | दिनेशचंद्र जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 7 | चन्द्रशेखर सीताराम जुन्नरकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोरीवली से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.9% से घटकर 51.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 37.2% से बढ़कर 47.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।