यवतमालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
त्र्यंबक दत्तात्रय देशमुख उर्फ़ आबासाहेब परवेकर (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 71.3% वोट पाकर यवतमाल सीट जीती और भोरे देविदास शामराव (निर्दलीय) को 26,762 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 163 कंधार थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 163 गोरेगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — त्र्यंबक दत्तात्रय देशमुख उर्फ़ आबासाहेब परवेकर 53.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | त्र्यंबक दत्तात्रय देशमुख उर्फ़ आबासाहेब परवेकर | 35,86871.3% | |
| 2 | भोरे देविदास शामराव निर्दलीय | निर्दलीय | 9,10618.1% |
| 3 | सीताराम रंगप्पा कौशिक | 3,1856.3% | |
| 4 | तिवारी राजकिशोर मातासरन JNP(SC) | JNP(SC) | 5631.1% |
| 5 | उमाशंकर बाबूलाल दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 5301.1% |
| 6 | शांताराम लक्ष्मणराव वेटी निर्दलीय | निर्दलीय | 5011.0% |
| 7 | आत्राम शिवराम कचरू निर्दलीय | निर्दलीय | 4911.0% |
| 8 | आहीर जयनारायणजी भैरोप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यवतमाल से कौन जीता, 1978–2004
INC(I) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 73.4% से घटकर 45.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978धोटे जांबुवंतराव बापाराव (IND), जीत का अंतर 53.0%
- 1980त्र्यंबक दत्तात्रय देशमुख उर्फ़ आबासाहेब परवेकर (INC(I)), जीत का अंतर 53.2%
- 1985सदाशिवराव ठाकरे (INC), जीत का अंतर 47.7%
- 1990जवाहर त्रिंबकराव देशमुख (JD), जीत का अंतर 7.0%
- 1995ठाकरे राजाभाऊ उर्फ़ राजेन्द्र गणेशराव (BJP), जीत का अंतर 12.7%
- 1999कीर्ति गांधी (INC), जीत का अंतर 9.2%
- 2004येरावार मदन मधुकरराव (BJP), जीत का अंतर 4.6%