मेडशीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
झनक सुभाष रामरावजी (INC) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 25.8% वोट पाकर मेडशी सीट जीती और डॉ. शेवाले ज्ञानेश्वर केशवराव (BBMS) को 1,247 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 113 वलगांव थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 113 नांदगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मेडशी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,247 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | झनक सुभाष रामरावजी | 27,92325.8% | |
| 2 | डॉ. शेवाले ज्ञानेश्वर केशवराव BBMS | BBMS | 26,67624.6% |
| 3 | एड. जाधव विजया तुलशीराम | 19,57918.1% | |
| 4 | गवली पुंडलीकराव रामजी निर्दलीय | निर्दलीय | 14,56413.4% |
| 5 | दहात्रे सूर्यप्रकाश भगवंतराव जनता दल | जनता दल | 8,9648.3% |
| 6 | गाबहाने लिंबाजी सदूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5926.1% |
| 7 | खंडारे पिराजी जगजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1541.1% |
| 8 | धनभर परनाबाई भिकाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6780.6% |
| 9 | डॉ. सांगले पुंजाजी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.5% |
| 10 | गव्हाणे दयाराम लहानुजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.4% |
| 11 | पवार निवास रामचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.3% |
| 12 | मोरे पांडुरंग शंकर | 1940.2% | |
| 13 | इंगोले नारायण शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 14 | पवार मनु दखल्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
| 15 | वानखडे मिलींद बलिराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 16 | इंगोले रामराव सोपान निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 17 | सिरसाट देवमन सुखदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 18 | देशमुख मधुकर गुलाबराव निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 19 | निरबान लीलाबाई किसन निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेडशी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.9% से घटकर 25.8% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.5% से बढ़कर 74.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978शिंदे विठ्ठलराव कोंडजी (INC(I)), जीत का अंतर 24.8%
- 1980झनक रामरावजी गोपालराव (INC(I)), जीत का अंतर 49.1%
- 1985झनक सुभाषराव रामराव (INC), जीत का अंतर 15.5%
- 1990झनक सुभाषराव रामरावजी (INC), जीत का अंतर 10.0%
- 1995झनक सुभाष रामरावजी (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1999विजय तुलशीरामजी जाधव (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2004जाधव विजय तुलशीराम (BJP), जीत का अंतर 0.5%